Posted by: Mishra; RC on: February 13, 2007
इटली के कैलेन्डर मे वर्ष का प्रत्येक दिन किसी सन्त के नाम से जुडा़ हुआ है। जैसे १३ फरवरी Sain’t Maura martire और १५ फरवरी Sain’ts Faustino & Giovita mm. के नाम से। सबका अपना महत्त्व है। हर इटालियन के दो नाम होते हैं, एक तो जो दिया जाता है, और दूसरा उस दिन के सन्त का।
आज १४ फरवरी है, आज Dottssa. Sara Taffi का जन्म दिवस है, इसलिये सबसे पहले उनको जन्म दिन की बहुत सारी शुभकामनायें (Buon compleanno a Sara), साथ ही डा. ललित गोस्वामी को भी जो कि वर्ष २००० से २००४ तक इसी दिन अपना जन्म दिन मनाते आये हैं। इसी सन्दर्भ मे एक बात और, हमारी प्रयोगशाला मे Signorina (सुश्री) Valentina Stramenga भी हैं, जिन्होने इसी सोमवार को हुई अपनी मास्टर्स की अन्तिम परीक्षा बहुत अच्छे अन्कों के साथ उत्तीर्ण की है, उनको भी बहुत बहुत बधाइयाँ(Molte congratulazioni a Valentina )।
वेलेंटाइन दिवस मनाने की परंपरा हमारे देश में भले ही कुछ सालों से हो लेकिन संसार के कुछ हिस्सों में प्रेमी यह पर्व एक लंबे अरसे से मनाते रहे हैं (ऐसा कहा जाता है)। इस प्रेम-पर्व को मनाने के तौर-तरीके और रीति-रिवाज बड़े अनोखे व रोचक रहे हैं।
प्यार के इजहार का प्रतीक माना जाने वाला यह दिन एक ऐसे संत के बलिदान का दिन है जिसने प्यार किया और प्यार करने वालों को बंधन में बांधने का प्रयास किया। ऐसा कहा जाता है कि रोम के शासक क्लोडियस द्वितीय ने अपने शासनकाल में अपने सिपाहियों पर अपनी प्रेमिकाओं से मिलने व शादी करने पर रोक लगा दी थी।
तब इस प्रेम पुजारी वेलेंटाइन ने लोगों की छुपकर शादियां करवाई और प्रेम करने वालों को मिलाया। इसी वजह से क्लोडियस ने वेलेंटाइन को 14 फरवरी 269 ई. को मृत्युदण्ड दे दिया। वेलेंटाइन ने मृत्यु से पहले अपनी दोस्त जो कि जेलर की बेटी थी के नाम एक खत लिखा जिसमें उसने लिखा-फ्रॉम योर वेलेंटाइन। इसी दिन को प्यार के प्रतीक के दिन में संत वेलेंटाइन के नाम पर वेलेंटाइन दिवस के नाम से विश्व में मनाया जाने लगा।
अलग-अलग रीति-रिवाज:
1. 1700 ई. में वेलेंटाइन डे के दिन अंग्रेज अविवाहित युवतियां कागज के टुकड़ों पर कुंवारे लड़कों का नाम लिखती थीं और फिर उसे कीचड़ में लपेट कर बाल्टी में रखे पानी में डालती थी या पानी में बहा देती थीं। जो नाम सबसे पहले पानी में तैरकर ऊपर आ जाता था, वही उस युवती का सच्चा प्रेमी माना जाता था।
2. 18वीं शताब्दी की शुरुआत में कुछ मित्रों ने एक समूह बनाया था और फिर अपने वेलेंटाइन का नाम अपनी बांह पर लिखवाकर कई हफ्तों तक ऐसे ही रखा था। इन दोस्तों की इस अनोखे रिवाज के कारण इस दिन इस कहावत का चलन शुरू हुआ-अपनी बांह पर अपना दिल रखना।
3. कई वर्षो पूर्व ऐसी मान्यता थी कि अगर वेलेंटाइन डे पर कोई युवती रॉबिन पक्षी को उड़ते देख ले तो उसकी शादी किसी नाविक से होती है। अगर उसे गोल्डफिंच उड़ती दिखती है तो उसकी शादी अमीर व्यक्ति से होती है और गौरेया दिखे तो गरीब व्यक्ति से शादी होती है।
4.एक अनोखा रिवाज और भी रहा है, जिसमें युवतियां वेलेंटाइन डे से एक दिन पहले रात में अपने तकिये के चारों कोनों व बीच में तेजपत्ता पिन से टांक कर सोती थीं। उनका विश्वास था कि ऐसा करने से उन्हें अपने भावी पति के दर्शन सपने में हो जाएंगे।
5. इंग्लैंड में इस दिन लोग उपहार स्वरूप एक-दूसरे को फल और कैंडी देते हैं। विशेष रूप से किशमिश, अजवाइन व बेर वाला केक बनाया जाता है। बच्चे मिलकर वेलेंटाइन डे का गीत गाते हैं।
6. जर्मनी में वेलेंटाइन डे पर युवतियां गमले में प्याज बोती हैं व प्रत्येक को किसी पुरुष का नाम देकर फायरप्लेस के पास रख देती हैं, जो सबसे पहले अंकुरित होता है वही उस महिला का सच्चा प्रेमी होता है।
7. यहाँ इटली में इस दिन अविवाहित युवतियां खिड़की पर बैठकर अपने भावी जीवन साथी का इंतजार करती हैं। जिस लड़के पर उनकी नजर सबसे पहले पड़ती हैं उससे वे एक साल के भीतर शादी भी कर लेती हैं (ये भी कहा जाता है)। इस अनोखे रिवाज का जिक्र शेक्सपियर की हेमलेट पुस्तक में भी हुआ था।
8. अमेरिका में लोग अपने दोस्तों को वेलेंटाइन कार्ड, चॉकलेट्स व गिफ्ट्स भेजते हैं। इस दिन हर साल तकरीबन चॉकलेट के करोड़ों डिब्बे बिकते हैं। कुछ स्कूलों में इस दिन समारोह भी आयोजित किए जाते हैं क्योंकि ऐसा मानना है कि संत वेलेंटाइन बच्चों से बहुत प्यार करते थे।
9. डेनमार्क में इस प्रेम पर्व के दिन युवक अपनी प्रियतमा को एक विशेष वेलेंटाइन कार्ड भेजता है, जिसे जोकिंग लेटर भी कहा जाता हैं। इस कार्ड में कोई कविता भी जरूर लिखी होती हैं लेकिन भेजने वाला प्रेमी अपना नाम नहीं लिखकर उसकी जगह उतनी ही संख्या में बिंदु लगा देता हैं। अगर लड़की नाम सही पहचान लेती है तो लड़का ईस्टर पर उसे ईस्टर एग उपहार में देता है। वहां वेलेंटाइन डे पर सभी दोस्तों को सफेद रंग के दबे हुए फूल भेजने का भी रिवाज है।
10. वेल्स में लकड़ी के चम्मचों पर नक्काशी की जाती है और इन्हें ही उपहार में अपने प्रेमी या प्रेमिका को दिया जाता है।
11. स्कॉटलैंड में रिबन या कागज से बनी लवर्स नॉट पारंपरिक उपहार है।
प्रेम के प्रतीक सदियों से प्रेम प्रतीकों के माध्यम से प्यार का इजहार किया जाता रहा है तथा वेलेंटाइन डे पर तो प्रेम प्रतीकों का महत्व ही कुछ और होता है।
हृदय:
दिल सबसे ज्यादा प्रसिद्ध और लोकप्रिय प्रतीक है क्योंकि कामदेव के तीर से बिधा दिल प्रेम की अभिव्यक्ति का सबसे प्यारा जरिया है। इसलिए दिल बने हुए कार्ड्स, कुशन कवर, पिलो, शो पीस आदि का खूब चलन है।
गुलाब:
हर फूल में कुछ न कुछ भाव होता है। इसमें गुलाब का अपना विशेष स्थान है। फूलों का राजा गुलाब भावनाओं का इजहार करता हैं। वेलेंटाइन डे पर यह मित्रता, प्रेम और मेल-मिलाप का प्रतीक बनता है।
लव बर्ड (प्यार का पंछी):
ऐसा माना जाता है कि वेलेंटाइन डे पर ही लव बर्ड को उनका साथी मिला था इसलिए प्रेमी एक-दूसरे को उपहार स्वरूप लव बर्ड भी देते हैं।
June 14, 2009 at 12:31 pm
very good blog for lovebirds