मेरा ‘हिन्दी ब्लॉग’: http://hindi.rcmishra.net
My Images : http://photos.rcmishra.net
श्रीमद्भगवद्गीता : http://gita.rcmishra.net
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अखरोट (के वृक्ष) का वानस्पतिक नाम Juglans Nigra है।
वसन्त-आगमन के साथ पत्तियाँ आने से पहले फूल आते हैं।
Medicinal Action and Uses:The bark and leaves have alterative, laxative, astringent and detergent properties, and are used in the treatment of skin troubles.
They are of the highest value for curing scrofulous diseases, herpes, eczema, etc., and for healing indolent ulcers; an infusion of 1 OZ. of dried bark or leaves (slightly more of the fresh leaves) to the pint of boiling water, allowed to stand for six hours, and strained off is taken in wineglassful doses, three times a day, the same infusion being also employed at the same time for outward application. Obstinate ulcers may also be cured with sugar, well saturated with a strong decoction of Walnut leaves
ये वृक्ष मेरे कमरे (Foresteria di Universitaria vicolo Fiorenzuola) के पास है और नीचे वाली तसवीर की पृष्ठभूमि मे हमारी प्रयोगशाला। Lights are on, Research(ing) continues.
आखिरी चित्र www.Botanical.com से साभार।
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डॉ. सरताज तबस्सुम अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय में रसायन शास्त्र के युवा प्रोफ़ेसर हैं। अक्टूबर २००५ से दिसम्बर २००५ तक प्रो. साहब UNICAM (University of Camerino, Camerino, Italy) मे बतौर Visiting Scientist रहे थे। इस दौरान हमने काफ़ी समय साथ साथ बिताया और इटली के प्रमुख नगरों की भी यात्रा की, वेनिस यात्रा का प्रो. सरताज द्वारा दिया गया विवरण आपने पढा़ होगा।
समय कट रहा था, उन दिनों कामेरिनो मे हिन्दी/उर्दू बोलने-समझने वाले हम केवल तीन लोग थे, मेरे अलावा प्रो. साहब और शकील हुसैन (लाहौर, पाकिस्तान)। शकील से पहली मुलाकात भी बहुत रोचक थी।
अक्सर लैब से वापस आकर हम लोग मेरे या उनके कमरे पर इकट्ठा होते तो साथ-साथ खाना-पीना होता और देश दुनिया की बातें तथा किस्से कहानियाँ भी।
ऐसी ही एक शाम थी १८ दिसम्बर २००५ की, जो ’शाम-ए-गज़ल‘ बन गयी।
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पिछ्ले दिनों अमित ने एक लेख लिखा था याहू और गुगल के मोबाइल क्षेत्र मे घमासान का, जैसा कि जाहिर था उनके लगाये गये चित्रों से, कि Nokia के मोबाइल पर हिन्दी के स्थान पर बक्से ([]) दिखते हैं।
बक्से से याद आया एक बार किसी को मैं जी मेल गप-शप मे हिंदी मे लिख रहा था, वे बोलीं ये बक्से क्यों भेज रहे हैं, मामला समझ कर हमने भी कह दिया, दिवाली आने वाली है इसलिये मिठाई के डिब्बे भेज रहा हूँ।
पिछले दिनों मैने एक Smart Phone खरीदा था HP का iPaq 6915, बहुत उम्मीदें लगा रखीं थी मैने, जैसा कि कोई भी लगा सकता है, यहाँ पर Flash Presentation देखने के बाद।
पर वो उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा…क्यों? ये भी जल्दी ही बतायेंगे।
मानी बात है कि यूनि-कूटित हिन्दी अक्षर मै उस पर भी नही देख सका, क्योकि केवल Font install करना काफ़ी नहीं था।
पिछले नवम्बर मे मैने Sony Ericsson W 300i फोन भी खरीदा, हांलांकि मेरे पास पहले से ही Sony Ericcsson K 700i है और SE 508i भी थोडे दिन प्रयोग किया था जिसका भी बहुत अच्छा अनुभव रहा। मेरा पहला फोन जो अब माँ के पास है, SE T230 अब भी मुझे बहुत प्रिय है। W300i मैने इसलिये खरीदा क्योंकि K700i की Joystic समस्या कर रही थी,
साथ ही मुझे एक फ़्लिप फोन (Clam Shell) Expandabe Memory के साथ लेने की भी इच्छा थी, और ये Model मुनासिब दामों मे उपलब्ध था।
पहले से मुझे नही पता था कि इस पर हिन्दी के Web Pages देखे जा सकते हैं, मैने Bluetooth के माध्यम से कुछ हिन्दी गीत फोन मे डाले और उनको व्यवस्थित कर रहा था तभी कुछ गीतों के शीर्षक मुझे हिन्दी मे दिखे।
बहुत प्रसन्नता हुई, फ़िर मैने एक साधारण सी .html डालकर देखी ये भी हिन्दी मे दिख रही थी, और फ़िर Web browsing भी की, अपने गुगल पेज की साइट देखी सब जगह हिन्दी दिख रही थी, बस एक ही समस्या थी..
जो कि आप के सामने है। समस्या छोटी नही है..
लेकिन बहुत बडी भी नही है।
ये प्रविष्टि (प्रविष्टी, नहीं) सञ्जय बेन्गाणी को समर्पित है जिनकी टिप्पणी यहाँ पर देखकर मुझे ये सब लिखना पड़ा
.
सभी तस्वीरें 4MP आकार में मेरे फ़्लिकर पृष्ठ पर हैं।
चलते चलते: अमित ने अगर मेरी सलाह मानकर Sony Ericsson खरीदा होता तो शायद और खुश होते
.
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मेरे एक मित्र Dr Jean Ngoune, Cameroon के एक विश्वविद्यालय मे प्रवक्ता हैं। यहाँ (UNICAM) से दुबारा Ph D कर रहे हैं, Inorganic Chemistry से।
पिछले दिनों वे अपने देश होकर आये..और बहुत सारी तस्वीरें भी लाये जिनसे वहां के जीवन की झलक देखने को मिली।
प्रस्तुत तस्वीर वहाँ के एक पारम्परिक उत्सव की है।
अन्य आकार मे देखने के लिये तस्वीर पर Click करें।
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