अब Bhomiyo.Com की सहायता से हिन्दी मे लिखे यूनिकोडित चिट्ठों को कई भारतीय भाषाओं मे पढा जा सकता है। ये बहुत ही सराहनीय योगदान है।
मुझे उर्दू पसन्द है क्योकि मै बचपन मे आकाशवाणी से प्रसारित उर्दू प्रोग्राम (रोज़ सुबह साढे आठ बजे, लखनऊ और अन्य रिले केन्द्रों से) और All India Radio की उर्दू सेवा का नियमित श्रोता रहा हूँ।
‘हिन्दी’ और ‘उर्दू’ के लिखने और पढ़ने में जितना अन्तर है उतनी ही समानता बोलने और समझने मे है। मेरी समझ से अन्य किन्ही भारतीय भाषाओं के बीच ऐसा रिश्ता नही है।
यदि भोमियो के X-literatio tool से ऐसा सम्भव हो सके तो हमारे लिये पढ़ने को एक पूरी नयी दुनिया जैसी खुल जायेगी साथ ही और भी, कि हम अपने पडोसियों से बेहतर संवाद कर सकेंगे, या इस तरह कहें कि अच्छी खबर रख सकेन्गे :)।
भोमियो के प्रयोग से मैने Roman में उर्दू पढ़ने के लिये प्रयास किया (www.shuaib.in/blog) जिसका Screen Shot यहाँ पर दे रहा हूँ।
मुझे तो रोमन मे पढ़्कर कुछ समझ नही आया, शायद इसलिये भी कि उर्दू दाहिने से बायें लिखते हैं।
यदि भोमियो की कुशल टीम इस दिशा मे प्रयत्न करे तो मै उनका बहुत आभारी रहूँगा।


2 responses so far ↓
Internet Bhomiyo - Search in Indian Languages // May 24, 2007 at 2:41 pm
[...] मैं उर्दू पढ़ना चाहता हूँ ‘Bhomiyo.Com’ से अनु… [...]
DR PRABHAT TANDON // June 10, 2007 at 4:41 am
मै भी आपके साथ हूं , कुछ दिन पहले एक पाकिस्तानी ब्लाग को हिन्दी मे अनुवाद करने की कोशिश की थी लेकिन जो लिख कर आया वह बिल्कुल भी समझ मे नही पडा.
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