Posted by: Mishra; RC on: October 15, 2007
गंगा नदी पर बना यह पुल सड़क मार्ग (इलाहाबाद-बनारस) द्वारा इलाहाबाद (शहर) को झूँसी से जोड़ता है, जिसको शास्त्री पुल नाम से भी जाना जाता है, शहर की ओर ये मिन्टो-पार्क के पास से प्रारम्भ होता है।
नीचे की तस्वीर गंगा नदी पर ही बने रेलवे पुल की है जो इलाहाबाद सिटी स्टेशन (दारागंज होते हुए) [...]
Posted by: Mishra; RC on: June 23, 2007
आज रात अटलांटिस के धरती पर पहुँचने से लगभग १० मिनट पहले शुरू होता है पहला विडियो और १० मिनट से कुछ अधिक अवधि का है।
इस विडियो को एक MMS Stream Recorder की सहायता से रेकॉर्ड करके यू ट्यूब पर अपलोड किया।
अट्लांटिस ग्रीनविच मानक समय के अनुसार २२ जून २००७ को शाम के ८ बजकर [...]
Posted by: Mishra; RC on: June 13, 2007
कुछ विडियो बनाये थे पिछले दिनों, अब YouTube पर डालकर यहाँ लगा रहा हूँ।
ये विडियो कामेरिनो से निकलते हुए, SS 77 तक पहुंचने के समय का है।
विडियो अपने डिजिटल कैमरे से ही बनाया है इस लिये गुणवत्ता साधारण है, शोर के बावजूद गीत अच्छा लगता है।
विडियो देखने के लिये यहाँ पर क्लिक करें।
अवधि १८८ सेकेंड, अगर किसी को [...]
Posted by: Mishra; RC on: January 2, 2006
मित्रों मै अब वापस इटली आ गया हू, मुझे कुछ टिप्पणियां मिली जिनमे सुनील जी के बारे मे बताया गया, इस सन्दर्भ मे मै कहना चाहूंगा कि मेरा उनसे सम्पर्क पिछ्ले महीने हो चुका है, और मै भी उनके ब्लाग का नियमित पाठक हू|
आप सबको नव वर्ष की शुभकामनायें | मेरा हैप्पी न्यू इयर तो [...]
Posted by: Mishra; RC on: December 26, 2005
24 तारीख की सुबह मै साढे पांच बजे कैमेरिनो से ग्रीनोबल जाने के लिये निकला, यह एक बहु चरणीय यात्रा थी सबसे पहले कैमेरिनो से बस द्वारा कस्त्लेरऐमोन्दो 6:05 पहुंचे, वहा से अल्बाचिनो 6:40, फिर फल्कोनारा 7:53 उसके बाद बोलोन्या, 10:22 पर अगली ट्रेन मिलान के लिये थी 11:35 पर मेरे पास एक घंटे का [...]
Posted by: Mishra; RC on: December 20, 2005
हमारी रोम यात्रा,प्रो सरताज पिछ्ले कई हफ्तो से कह रहे थे इस हफ्ते रोम चलेंगे तो आखिर मै ने भी सोच लिया कि ठीक है इस हफ्ते रोम चलते है, वैसे भी अकेले जाने से अच्छा है कब तक किसी पसन्दीदा शख्श का इंतज़ार करते रहेंगे, वैसे जब मै इटली आया था जनवरी 2005 [...]
Posted by: Mishra; RC on: December 15, 2005
सपने सच होते हैंहम प्रातः 7 बजे हम वेनिस (इटली) के रेलवे स्टेशन पर उतरे, सूरज की
किरणों की प्रतीक्षा मे हम बाहर निकले, सर्दी बहुत ठीक परंतु बाहर जाकर देखा तो तेज बारिश हो रही थी प्लेटफार्म के बाहर न सडक थी न ही मोटर गाडी बस एक समन्दर की धारा और उसमे चलते [...]
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